Major General (Retd) shared his opinion on Jharia

Jharia – A city of burning coal.

I am sharing this article and give review on the same

Coal mining: The wheel has turned full circle

https://economictimes.indiatimes.com/blogs/et-commentary/coal-mining-the-wheel-has-turned-full-circle/

(The writer is a Major General (Retd). Views are personal)

DISCLAIMER : Views expressed above are the author’s own.

a Major General (Retd) has shared his views here in this article, which has been published on 30th may 2020 on Economic Times.

He has shared many historic details about jharia and it’s coal business. We have to move on further and have to save the lives of Jharia’s peoples from it’s harmful effects. People who have earned money from this coal, now have to come further for them. We have spread positive awareness and talk mutually with the peoples of Jharia and give them a safe place to live. We have to keep them like our family members. They also do not want to live such lifestyles there. The first preference of the local and central leaders should be this to save people’s of jharia from this harmful effect.

The fire is still smouldering. People who are sitting in the safe place, who do not understand the feeling of people who has been living in this fire areas.

We do not have to play blame game, now it is the time when everyone should take steps on his/her level. The new government is very innovative and should take steps very soon.

Right now, again summers are rising and we can understand and feel the situation in coal fire areas where peoples are still living. We also have to think about their employment where peoples have been shifted in new jharia(Belgarhiya).

I am not the expert and scientist. The Government should take advice from them and take actions which is beneficial for all peoples and environment.

We have to learn the use of coals so that it do not increase pollution. Because pollution has been already increased in Jharia. Jharia has become the most polluted cities in India. You can write to me on my email(ravikumar.niit8729@gmail.com) on the uses of coal. I will share in this website.

How To Deal With Pollution By Coal Dust, Coal Mining, Coal Pollution

लॉक डाउन में धूल गया झरिया के माथे पर लगा सर्वाधिक प्रदूषित शहर का दाग

Jharia Most Polluted Cities
Jharia Most Polluted Cities

दोस्तों झरिया को सर्वाधिक प्रदूषित शहर का दाग जो लगा था, वो लॉक डाउन के कारण धूल गया । जहां हमने झरिया को प्रदूषित किया वह प्रकृति ने अपने आप ही इससे साफ कर लिया। ऐसे पहली बार हुआ है जब प्रकृति खुद से ही अपने आप को साफ़ कर रही हैं।

आज प्रभात खबर में न्यूज़ छपी है कि झरिया का प्रदुषण का स्तर बहुत ही कम हो गया हैं। जहां गर्मी के दिनों में प्रदुषण का स्तर बहुत ही ज्यादा हो जाया करता था वो अभी बहुत नीचे चला गया हैं। कोरोना वायरस के कारण लगे लॉक डाउन में सभी अपने अपने घरों में ही रह रहे हैं, सारे कल-कारखाने, माइनिंग, बिज़नेस, दुकानें सब बंद पड़े हैं।

दोस्तों हमें इससे सिखने की जरुरत हैं कि लॉक डाउन के बाद हम काम शुरू भी करे तो प्रकृति को गन्दा न करें। साफ सफाई का पूरा ध्यान रखा जाये और जहां से भी पेड़ काटे जाये कोयला निकलने के लिए, उसके बदले में 10 पेड़ लगाए जाये।

खुली खदानें बिगाड़ रही हैं सेहत

खुली खदानें बिगाड़ रही हैं सेहत

Please comment, What do you feel? The main cause of pollution in Jharia is Open Mining?

According to The Jharia Coalfield Bachao Samiti… झरिया कोल फील्ड को प्रदुषण में एक नंबर बनाया किसने है। सिर्फ OCP से ही प्रदुषण बढ़ा है। बीसीसीएल आदमी की जान को भेड़ बकरी समझती है। इसलिए कोयला निकालने को लगी है वो भी आउट सोर्सिंग से। ये काम ठेके पर दिया गया है। इसका मतलब जनता खूब समझती है। जनता जाए आग में। सिर्फ कोयला निकालना , पैसा कमाना चाहते हैं। आप क्या आदमी नहीं हो ?
झरिया कोल फील्ड की जानता जागेगी तब ………
हमारा कहना है कि तुरंत OCP बंद करें। शायद यह इनकी अब मज़बूरी है।

झरिया में प्रदुषण का असर देखे। आज कोई १० दिनो झरिया शहर के हर मकान में कोयला के महीइन्न कन की एक परत जम जाती है। सफाई में परेशानी हो रही है। पहले ऐसा नहीं होता था । यह सब ओसीपी खुली खदान से खनन के कारण हो रहा है। झरिया शहर में रहने वाले लोगों को इसका असर दिखाई दे रहा होगा।
क्या बीसीसीएल , भारत सरकार की जिम्मेदारी नहीं है कि इसे रोके ? और डीसी एवम् कमिश्नर,हजारीबाग कोभी इसका संज्ञान लेना चाहिए। जनता को देखने उनकी दिक्कतों को दूर करने के लिए — अधिकारी, जनप्रतिनिधि भी होते हैं। क्या झकझोरने से ही जागेंगे।
जनता की मजबूरी को भी समझना जरूरी होता है।

दोस्तों आपको पता है कि झरिया प्रदुषण के मामले में पुरे भारत में नंबर वन पर पहुँच गयी हैं । यहाँ के लोगो का रहना मुश्किल हो गया हैं । जब दिल्ली में ऑक्सीजन बिकना चालू हो गया है, वो दिन दूर नहीं जब झरिया में भी प्रदुषण के चलते लोगो का साँस लेना मुश्किल हो जाएगा । अभी भी यह हाल हो ही गया है, बहुत सारे इलाकों में तो प्रदुषण का स्तर इतना ज्यादा हैं कि लोग बीमार पड़ रहे हैं । आज के प्रभात खबर अख़बार में यह मुद्दा बहुत जोर शोर से उठाया गया हैं ।

लोगो का और यहाँ के समाज सेवा संस्था झरिया कोलफील्ड बचाओ समिति का कहना है कि यहाँ पहले प्रदुषण नहीं था, जब से यहाँ ओपन माइनिंग शुरू हुई है, यहाँ प्रदुषण बहुत ही ज्यादा बढ़ गया हैं ।

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How To Deal With Pollution By Coal Dust, Coal Mining, Coal Pollution

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देश का वो इलाका जहां धरती पाताल में समा रही हैं ।

100 साल से क्यों सुलग रहा #Jhakhand का शहर ‘झरिया’, जहां धरती के नीचे है आग का दरिया

Jharia Burning 100 Years
Jharia Burning 100 Years

झारखंड के धनबाद ऐसा जिला हैं जो कोयले की खान के लिए जाना जाता है। यहां पर झरिया एक ऐसा शहर है जहां पर सबसे अधिक मात्रा में अच्छी क्वालिटी का कोयला पाया जाता है। पुरे झारखंड में सबसे अधिक कोयला इसी स्थान पर पाया जाता है। इसी झरिया से पुरे वर्ल्ड में कोयला निर्यात किया जाता हैं । पुरे देश में उद्योगों के लिए कोयला यही से जाता हैं ।

इस कोल् फायर एरिया में जमीन 100 सालों से आग से धधक रही है। इसकी वजह से वहां के स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य पर भी काफी बुरा असर पड़ रहा है। स्थानीय लोग इससे बहुत परेशां हैं और यहाँ के प्रदुषण के चलते लोग बीमार हो रहे हैं । पिने का पानी भी साफ़ नहीं आता हैं ।

Jharia Like Hell
Jharia Like Hell

स्थानीय लोगों का कहना है कि- जब इस इलाके में बारिश होती है तब कोयले का काला विषैला पानी हमारे घरों के अंदर आ जाता है इसके साथ काफी जहरीला धुंआ भी घरों के अंदर आ जाता है जिससे सांस लेने में काफी परेशानी होती है। जमीन के अंदर 24 घंटे आग लगे रहने के कारण जमीन के धंसने का भी खतरा हर वक्त बना रहता है।

बारिश में बढ़ती जमीन की दहक

बारिश शुरू होने के साथ ही झरिया की जमीन की दहक और बढ़ जाती है। जमीन से निकल रहीं गैसें हवा को जहरीला बना रहीं हैं। राजापुर, लिलोरी पथरा, बस्ताकोला, घनुडीह, इंदिरा चौक, बरारी समेत कई इलाके हैं जहां भू-धंसान और गोफ की घटनाएं लोगों की जिंदगी का हिस्सा बन चुकी हैं। बारिश होने के बाद यहाँ की ज़िन्दगी नर्क के सामान हो जाती हैं । लोग चाहते हैं कि वो अच्छी और सेफ जगह में रहे ताकि वो बेचैन होकर ज़िन्दगी जी सकें ।

विशेषज्ञों की मानें तो भूमिगत आग के कारण कोयला राख हो जाता है। ऐसे में जमीन खोखली होने पर धंस जाती है। एक अन्य कारण भी है। कोयला निकालने के बाद खाली स्थान पर बालू नहीं भरी गई। बारिश के कारण पानी जमीन में प्रवेश करता है। पानी से मिट्टी कटाव के कारण धंसान हो जाता है। अवैध खनन ने इस समस्या को और भी बढ़ाया है।

Watch how Jharia, A city of Jharkhand, is sitting on an inferno for 100 years | Exclusive

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झरिया देश का सबसे ज्यादा प्रदूषित शहर

A latest survey came and it is found that Jharia has become the most polluted city in India and Dhanbad is the second one after Jharia. I remember, 5 years ago, Dhanbad was the most polluted city and now took second position. Greenpeace India has shared their new report on the pollution level of India and people of Jharia and Dhanbad shocked to know about it.

The Most Polluted City 2020 : Jharia
The Most Polluted City 2020 : Jharia

It is true also. The pollution level of Jharia and Dhanbad are very high due to its coal mining.

Jharkhand’s Jharia most polluted city in India: Green India Report




Jharkhand’s Dhanbad, which is known for its rich coal area and reserves and many industries are there, is the second-most polluted city in India, which is told by the report based on analysis of PM10 data from 287 cities across the country.

And If you want to know the least polluted city, we will tell you that according to that Green Indian report, Lunglei in Mizoram is the least polluted followed by Meghalaya’s Dowki.

Top 10 Polluted Cities in India



Six of the top-10 polluted cities are in Uttar Pradesh — Noida, Ghaziabad, Bareilly, Allahabad, Moradabad and Firozabad

  1. Jharia
  2. Dhanbad
  3. Noida
  4. Gaziabad
  5. Ahmedabad
  6. Bareilly
  7. Allahabad
  8. Moradabad
  9. Firozabad
  10. New Delhi

Delhi is the 10th-most polluted city in India, it was at the eighth spot a year ago.

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